सैन्य कार्रवाई
धार्मिक परिसर, हथियारबंद प्रतिरोध और राज्य की वैधता का असाधारण टकराव।
पंजाब के संघीय प्रश्नों और धार्मिक-राजनीतिक तनाव से लेकर हरमंदिर साहिब परिसर की सैन्य कार्रवाई, नागरिक संकट, हताहतों के विवाद, ऑपरेशन वुडरोज, नवंबर 1984 और उग्रवाद की लंबी छाया तक—एक विस्तृत, संतुलित और स्रोत-सचेत अध्ययन।
धार्मिक परिसर, हथियारबंद प्रतिरोध और राज्य की वैधता का असाधारण टकराव।
संघवाद, राजनीति, सैन्य निर्णय, नागरिक प्रभाव, स्मृति और सुरक्षा नीति।
आधिकारिक आंकड़े, स्वतंत्र अनुमान और विवादित दावों की स्पष्ट पहचान।
इस संवेदनशील इतिहास को किसी समुदाय, संस्था या राजनीतिक पक्ष के सामूहिक दोष में बदलने के बजाय विशिष्ट निर्णयों, हिंसक कृत्यों और संस्थागत विफलताओं के आधार पर पढ़ा गया है।
हर अध्याय स्वतंत्र रूप से पढ़ा जा सकता है। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, सैन्य घटनाक्रम, मानवीय संकट, विभिन्न पक्षों की जिम्मेदारी, मिथक, कानून, स्मृति और आज के सबक अलग-अलग रखे गए हैं।
विवादित दावों की विश्वसनीयता, अनसुलझे प्रश्न, चयनित स्रोत और पांच निर्णायक मोड़ों की केस स्टडी अलग संदर्भ खंड में उपलब्ध हैं।
धार्मिक पहचान और हिंसक कृत्य अलग · संघीय मांग और अलगाववाद अलग · आधिकारिक संख्या और स्वतंत्र अनुमान अलग · सैन्य आवश्यकता और राजनीतिक जिम्मेदारी अलग · सभी दावों के साथ स्रोत-सावधानी।