पानीपत से मुगल सत्ता
बाबर की विजय, अफगान चुनौती, राजपूत प्रतिरोध और अस्थिर प्रारंभिक शासन।
पानीपत के प्रथम युद्ध से 1857 के महासंग्राम तक—मुगल सत्ता की स्थापना, सूर शासन का अंतराल, साम्राज्य-विस्तार, धार्मिक नीतियाँ, राजपूत और मराठा संबंध, दरबारी संघर्ष, विदेशी आक्रमण तथा अंग्रेजी प्रभुत्व का विस्तृत हिंदी अध्ययन।
बाबर की विजय, अफगान चुनौती, राजपूत प्रतिरोध और अस्थिर प्रारंभिक शासन।
प्रशासन, युद्ध, राजपूत संबंध, धार्मिक नीतियाँ और दक्कन में लंबा संघर्ष।
उत्तराधिकार युद्ध, मराठा उत्कर्ष, विदेशी आक्रमण और प्रतीकात्मक बादशाहत।
भारत में मुगल सत्ता की स्थापना
पराजय, निर्वासन और दिल्ली की पुनर्प्राप्ति
शेरशाह से इस्लाम शाह तक : मुगल सत्ता का अंतराल और प्रशासनिक पुनर्गठन
मुगल साम्राज्य का प्रमुख निर्माता : युद्ध, प्रशासन, राजपूत नीति, धार्मिक प्रयोग और साम्राज्य-विस्तार
साम्राज्य की निरंतरता, नूरजहां का प्रभाव और नए राजनीतिक तनाव
साम्राज्य का वैभव, स्थापत्य का उत्कर्ष और उत्तराधिकार का रक्तरंजित संघर्ष
साम्राज्य का चरम विस्तार, धार्मिक कठोरता और दीर्घ पतन की नींव
औरंगज़ेब के बाद साम्राज्य को संभालने का प्रयास
ग्यारह महीनों का शासन, जुल्फिकार खान का प्रभाव और मुगल बादशाहत की गिरती प्रतिष्ठा
सैयद बंधुओं का उदय, 1717 का अंग्रेजी कंपनी को फरमान और सम्राट का रक्तरंजित अंत
रंगीला दरबार, बिखरता साम्राज्य और नादिर शाह का प्रहार
अब्दाली के आक्रमण, दरबारी गुटबाज़ी और मुगल सत्ता का और पतन
अब्दाली का हस्तक्षेप, मराठों का विस्तार और मुगल सम्राट की हत्या
बक्सर, दीवानी, मराठा संरक्षण और अंग्रेजी प्रभुत्व की ओर बढ़ता मुगल तख्त
अंग्रेजी संरक्षण में सिमटती बादशाहत और अंतिम मुगल काल की भूमिका
अंतिम मुगल सम्राट, 1857 का महासंग्राम, लाल किले का पतन और रंगून निर्वासन
शाही आदेशों, फारसी दरबारी इतिहासों, काशी विश्वनाथ, केशवदेव, मेवाड़ और अन्य प्रमाणित घटनाओं का दस्तावेज-आधारित अध्ययन।