धार्मिक पहचान के आधार पर लक्षित हिंसा
प्रधानमंत्री की हत्या के अपराधियों से अलग सामान्य सिख नागरिकों को सामूहिक प्रतिशोध का निशाना बनाया गया।
पंजाब संकट और ऑपरेशन ब्लू स्टार की पृष्ठभूमि से लेकर 31 अक्टूबर–3 नवंबर 1984 के घंटे-दर-घंटे घटनाक्रम, दिल्ली और अन्य शहरों की लक्षित हिंसा, पुलिस–प्रशासन–सेना, राजनीतिक आरोप, एफआईआर, आयोग, मुकदमे, पीड़ित-पुनर्वास और लोकतांत्रिक जवाबदेही तक—एक विस्तृत और स्रोत-सचेत अध्ययन।
प्रधानमंत्री की हत्या के अपराधियों से अलग सामान्य सिख नागरिकों को सामूहिक प्रतिशोध का निशाना बनाया गया।
सिद्ध तथ्य, आयोगीय निष्कर्ष, न्यायिक निर्णय और अप्रमाणित आरोपों को अलग-अलग रखा गया है।
एफआईआर, बंद मामले, आयोग, विशेष जांच दल, अदालतें, मुआवजा और पीड़ितों के लंबे संघर्ष का क्रमबद्ध विवरण।
मूल डोसियर के सभी 25 अध्याय सुरक्षित रखे गए हैं। केवल हूबहू पुनरावृत्ति, वार्तालाप-सूचनाएं और अगले अध्याय की अनावश्यक घोषणाएं हटाई गई हैं।
हत्या का अपराध और समुदाय अलग · राजनीतिक आरोप और न्यायिक दोषसिद्धि अलग · आधिकारिक आंकड़ा और वैकल्पिक अनुमान अलग · राष्ट्रीय शोक और सामूहिक दंड अलग · प्रत्येक दावे के साथ प्रमाण की स्थिति स्पष्ट।