5–10 वर्ष कारावास
अनुचित साधनों के अपराध पर अधिकतम 50 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान।
परीक्षा माफिया की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, 2024 के मूल कानून, 2026 के कठोर संशोधन, जंतर-मंतर आंदोलन, तकनीकी चुनौतियों और संस्थागत सुधारों का विस्तृत तथा संतुलित अध्ययन।
संशोधन विधेयक 27 जुलाई 2026 को लोकसभा में प्रस्तुत हुआ, 29 जुलाई को लोकसभा और 30 जुलाई को राज्यसभा से पारित हुआ। 31 जुलाई की स्थिति में राष्ट्रपति की स्वीकृति और राजपत्र अधिसूचना से पहले इसे लागू अधिनियम नहीं माना गया है।
अनुचित साधनों के अपराध पर अधिकतम 50 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान।
संगठित अपराध पर न्यूनतम 10 करोड़ रुपये जुर्माने का प्रस्ताव।
विशेष कार्यबल, फास्ट ट्रैक अदालत और दिन-प्रतिदिन सुनवाई का ढाँचा।
विस्तृत शोध को मोबाइल-अनुकूल भागों में रखा गया है। प्रत्येक भाग स्वतंत्र रूप से पढ़ा जा सकता है और क्रमवार अध्ययन के लिए अगले भाग से जुड़ा है।
कानून संगठित परीक्षा अपराध को गंभीर आर्थिक और संस्थागत जोखिम बनाता है। उसकी सफलता सुरक्षित प्रश्नपत्र-निर्माण, सीमित मानव पहुँच, डिजिटल ऑडिट, जिम्मेदार परीक्षा एजेंसियों, तेज जाँच और न्यायिक क्षमता पर निर्भर करेगी। परीक्षा-सुरक्षा को कानून, तकनीक और प्रशासन—तीनों की संयुक्त व्यवस्था बनाना होगा।