# भारत का अठारहवाँ लोकसभा चुनाव 2024 : भाजपा की 240 सीटें, कांग्रेस की 99 सीटें और गठबंधन के सहारे तीसरी मोदी सरकार

ओमकार चौधरी / OCN Research Desk

भारतीय संसदीय चुनावों का इतिहास — अठारहवाँ अध्याय

भारत का अठारहवाँ लोकसभा आम चुनाव 19 अप्रैल से 1 जून 2024 तक सात चरणों में हुआ। 4 जून को परिणाम घोषित हुए। यह चुनाव भारतीय संसदीय इतिहास में इसलिए महत्वपूर्ण है कि 2014 और 2019 में अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल करने वाली भारतीय जनता पार्टी 2024 में बहुमत के लिए आवश्यक 272 सीटों से पीछे रह गई।

**भाजपा ने 240, कांग्रेस ने 99 और समाजवादी पार्टी ने 37 सीटें जीतीं।** तृणमूल कांग्रेस 29 और डीएमके 22 सीटों के साथ अगले स्थानों पर रहीं।

भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को 293 और विपक्षी इंडिया गठबंधन को 234 सीटें मिलीं। तेलुगु देशम पार्टी और जनता दल (यूनाइटेड) सहित सहयोगियों के समर्थन से एनडीए ने सरकार बनाई।

9 जून 2024 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई। जवाहरलाल नेहरू के बाद लगातार तीन आम चुनावों के पश्चात प्रधानमंत्री बनने वाले वे दूसरे व्यक्ति बने।

भाजपा की सीटें

## 240

कांग्रेस की सीटें

## 99

एनडीए गठबंधन

## 293

इंडिया गठबंधन

## 234

गठबंधनों के 293 और 234 सीटों के आँकड़े 2024 के चुनाव-समय की वर्गीकृत सदस्यता पर आधारित हैं। कुछ प्रारंभिक समाचार रिपोर्टों में 292 और 233 भी दर्ज हुआ था।

## 1. अठारहवें लोकसभा चुनाव के महत्वपूर्ण आँकड़े

| चुनाव संबंधी विषय | आधिकारिक विवरण |
| --- | --- |
| लोकसभा | अठारहवीं |
| मतदान की अवधि | 19 अप्रैल–1 जून 2024 |
| मतदान के चरण | 7 |
| मतगणना | 4 जून 2024 |
| निर्धारित लोकसभा सीटें | 543 |
| मतदान वाले निर्वाचन क्षेत्र | 542 |
| निर्विरोध निर्वाचन | सूरत, गुजरात — 1 |
| बहुमत का आँकड़ा | 272 |
| सामान्य निर्वाचन क्षेत्र | 412 |
| अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित | 84 |
| अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित | 47 |
| पंजीकृत मतदाता | 97,97,51,847 |
| कुल पड़े मत | 64,64,20,869 |
| मतदान प्रतिशत | 66.10% |
| कुल उम्मीदवार | 8,360 |
| महिला उम्मीदवार | 800 |
| निर्वाचित महिला सांसद | 74 |
| चुनाव में भाग लेने वाले दल | 744 |
| मतदान केंद्र | 10,52,664 |
| नोटा के मत | 63,71,839 |
| नोटा प्रतिशत | 0.99% |
| मुख्य निर्वाचन आयुक्त | राजीव कुमार |
| नई सरकार का गठन | 9 जून 2024 |

स्रोत: निर्वाचन आयोग की 2024 की अंतिम 42 सांख्यिकीय रिपोर्टें और *Atlas 2024*। मतदान प्रतिशत 542 मतदान-संपन्न क्षेत्रों का है; सूरत में निर्विरोध निर्वाचन होने के कारण मतदान नहीं हुआ।

## 2. चुनाव किस राजनीतिक पृष्ठभूमि में हुआ?

2019 से 2024 तक नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दूसरी एनडीए सरकार केंद्र में रही। इस दौरान सरकार के अनेक निर्णय, बड़ी राष्ट्रीय घटनाएँ और विपक्षी दलों के नए गठबंधन ने 2024 का राजनीतिक वातावरण तैयार किया।

1. **5 अगस्त 2019 — जम्मू-कश्मीर से जुड़े संवैधानिक परिवर्तन**

अनुच्छेद 370 के विशेष प्रावधानों को निष्प्रभावी किया गया और राज्य के पुनर्गठन का कानून पारित हुआ। इस निर्णय के राजनीतिक और संवैधानिक प्रभाव चुनावी बहस का विषय रहे। 2. **नवंबर 2019 — अयोध्या पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला**

अदालत ने विवादित भूमि पर राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया और मस्जिद के लिए वैकल्पिक भूमि देने का आदेश दिया। 3. **2020–21 — कोविड-19 महामारी**

लॉकडाउन, स्वास्थ्य सेवाएँ, टीकाकरण, आर्थिक गतिविधियाँ और महामारी प्रबंधन से संबंधित निर्णय व्यापक सार्वजनिक चर्चा में रहे। 4. **2020–21 — कृषि कानून और किसान आंदोलन**

केंद्र ने 2020 में तीन कृषि कानून पारित किए। बड़े किसान आंदोलन के बाद नवंबर 2021 में इन्हें निरस्त कर दिया गया। 5. **2023 — विपक्षी इंडिया गठबंधन का गठन**

कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, तृणमूल कांग्रेस, वाम दल, आम आदमी पार्टी तथा अन्य दलों ने भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए का मुकाबला करने के लिए इंडिया गठबंधन की राजनीतिक पहल की। राज्यों में सीट बँटवारे की व्यवस्थाएँ अलग-अलग रहीं। 6. **सितंबर 2023 — महिला आरक्षण संविधान संशोधन**

संसद ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण से संबंधित 106वाँ संविधान संशोधन पारित किया। इसके क्रियान्वयन को जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया से जोड़ा गया। 7. **22 जनवरी 2024 — अयोध्या राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा**

अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह हुआ। यह भी चुनाव-पूर्व राजनीतिक चर्चा का महत्वपूर्ण विषय था। 8. **मार्च 2024 — चुनाव कार्यक्रम और राजनीतिक घटनाएँ**

16 मार्च को निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम घोषित किया। इसी महीने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय ने आबकारी नीति मामले में गिरफ्तार किया। विपक्षी दलों ने इसे चुनावी अभियान में मुद्दा बनाया।

भाजपा ने अपने प्रचार में सरकार की उपलब्धियाँ, कल्याणकारी योजनाएँ, बुनियादी ढाँचा, राष्ट्रीय सुरक्षा और नेतृत्व का प्रश्न उठाया। कांग्रेस तथा उसके सहयोगियों ने रोजगार, महँगाई, सामाजिक न्याय, संविधान, आरक्षण और चुनावी चंदे जैसे विषयों को प्रमुखता दी।

## 3. कौन-कौन से राजनीतिक दल मैदान में थे और उनके नेता कौन थे?

| राजनीतिक दल | प्रमुख नेता |
| --- | --- |
| भारतीय जनता पार्टी | नरेंद्र मोदी, अमित शाह, जे. पी. नड्डा, राजनाथ सिंह |
| भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस | मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी |
| समाजवादी पार्टी | अखिलेश यादव |
| तृणमूल कांग्रेस | ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी |
| डीएमके | एम. के. स्टालिन |
| तेलुगु देशम पार्टी | एन. चंद्रबाबू नायडू |
| जनता दल (यूनाइटेड) | नीतीश कुमार |
| शिवसेना | एकनाथ शिंदे |
| शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) | उद्धव ठाकरे |
| एनसीपी | अजित पवार |
| एनसीपी (शरदचंद्र पवार) | शरद पवार |
| लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) | चिराग पासवान |
| राष्ट्रीय जनता दल | लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव |
| आम आदमी पार्टी | अरविंद केजरीवाल |
| बहुजन समाज पार्टी | मायावती |
| बीजू जनता दल | नवीन पटनायक |
| वाईएसआर कांग्रेस | वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी |
| भारत राष्ट्र समिति | के. चंद्रशेखर राव, के. टी. रामाराव |
| झारखंड मुक्ति मोर्चा | हेमंत सोरेन, चंपई सोरेन |
| जनता दल (सेक्युलर) | एच. डी. देवेगौड़ा, एच. डी. कुमारस्वामी |
| शिरोमणि अकाली दल | सुखबीर सिंह बादल |
| राष्ट्रीय लोकदल | जयंत चौधरी |
| जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस | फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला |
| मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी | सीताराम येचुरी |
| भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी | डी. राजा |
| भाकपा (माले) लिबरेशन | दीपंकर भट्टाचार्य |
| एआईएमआईएम | असदुद्दीन ओवैसी |
| आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) | चंद्रशेखर आजाद |
| जनसेना पार्टी | पवन कल्याण |

2024 में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा थे। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी थे।

इस चुनाव का एक विशेष संगठनात्मक पहलू महाराष्ट्र में शिवसेना तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अलग-अलग गुटों का चुनाव लड़ना था। दोनों दलों के विभाजन के कारण दलों के मूल और नए चुनावी नामों को अलग पहचानना आवश्यक है।

## 4. किस राजनीतिक दल को कितनी सीटें और कितना राष्ट्रीय वोट शेयर मिला?

निर्वाचन आयोग के अंतिम चुनावी आँकड़ों के अनुसार प्रमुख सीट-विजेता दलों का परिणाम इस प्रकार रहा। मत प्रतिशत देशभर के वैध मतों का प्रतिशत है, केवल उन क्षेत्रों का नहीं जहाँ संबंधित पार्टी ने उम्मीदवार उतारे।

| राजनीतिक दल | सीटें | राष्ट्रीय वोट शेयर |
| --- | --- | --- |
| भारतीय जनता पार्टी | 240 | 36.56% |
| भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस | 99 | 21.19% |
| समाजवादी पार्टी | 37 | 4.58% |
| तृणमूल कांग्रेस | 29 | 4.37% |
| डीएमके | 22 | 1.82% |
| तेलुगु देशम पार्टी | 16 | 1.98% |
| जनता दल (यूनाइटेड) | 12 | 1.25% |
| शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) | 9 | 1.48% |
| एनसीपी (शरदचंद्र पवार) | 8 | 0.92% |
| शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) | 7 | 1.15% |
| लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) | 5 | 0.44% |
| राष्ट्रीय जनता दल | 4 | 1.57% के लगभग |
| मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी | 4 | 1.76% के लगभग |
| वाईएसआर कांग्रेस | 4 | 2.06% के लगभग |
| आम आदमी पार्टी | 3 | 1.11% के लगभग |
| झारखंड मुक्ति मोर्चा | 3 | लगभग 0.41% |
| इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग | 3 | लगभग 0.27% |
| भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी | 2 | लगभग 0.49% |
| भाकपा (माले) लिबरेशन | 2 | लगभग 0.27% |
| जनता दल (सेक्युलर) | 2 | लगभग 0.34% |
| राष्ट्रीय लोकदल | 2 | लगभग 0.22% |
| जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस | 2 | लगभग 0.18% |
| विदुथलाई चिरुथैगल कच्ची | 2 | लगभग 0.15% |
| जनसेना पार्टी | 2 | लगभग 0.23% |
| अन्य एक-सीट वाले दल | 17 | — |
| निर्दलीय | 7 | लगभग 2.77% |

मुख्य दलों के मत प्रतिशत निर्वाचन आयोग के 542 मतदान-संपन्न क्षेत्रों के आँकड़ों से हैं। सूरत की भाजपा सीट बिना मतदान के जीती गई थी। छोटे दलों के लिए ‘लगभग’ चिह्नित आँकड़े पूर्णांकित हैं; तुलना के लिए मूल दलवार रिपोर्ट देखें।

## परिणामों के पाँच महत्वपूर्ण तथ्य

पहला, भाजपा को 36.56 प्रतिशत राष्ट्रीय वोट मिले और 240 सीटें प्राप्त हुईं। कांग्रेस को 21.19 प्रतिशत वोट और 99 सीटें मिलीं।

दूसरा, कांग्रेस की सीटें 2019 की 52 से बढ़कर 99 हुईं, जबकि भाजपा की संख्या 303 से घटकर 240 रह गई।

तीसरा, समाजवादी पार्टी 37 सीटों के साथ लोकसभा की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी। उसे उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के साथ चुनावी तालमेल का लाभ मिला।

चौथा, तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में 29 सीटें जीतकर 2019 की तुलना में सात अतिरिक्त सीटें प्राप्त कीं।

पाँचवाँ, दक्षिण भारत में तेलुगु देशम की 16 सीटों तथा बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) की 12 सीटों ने एनडीए के बहुमत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

## 5. किस राज्य में कितनी सीटें थीं? भाजपा, कांग्रेस और अन्य दलों का परिणाम

नीचे 2024 की प्रशासनिक सीमाओं के अनुसार सभी 28 राज्यों और आठ केंद्रशासित प्रदेशों की लोकसभा सीटों तथा भाजपा-कांग्रेस के परिणामों का विवरण है। अंतिम स्तंभ में अन्य सभी दलों और निर्दलीयों को सम्मिलित किया गया है।

| राज्य / केंद्रशासित प्रदेश | कुल सीटें | भाजपा | कांग्रेस | अन्य |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| उत्तर प्रदेश | 80 | 33 | 6 | 41 |
| महाराष्ट्र | 48 | 9 | 13 | 26 |
| पश्चिम बंगाल | 42 | 12 | 1 | 29 |
| बिहार | 40 | 12 | 3 | 25 |
| तमिलनाडु | 39 | 0 | 9 | 30 |
| मध्य प्रदेश | 29 | 29 | 0 | 0 |
| कर्नाटक | 28 | 17 | 9 | 2 |
| गुजरात | 26 | 25 | 1 | 0 |
| आंध्र प्रदेश | 25 | 3 | 0 | 22 |
| राजस्थान | 25 | 14 | 8 | 3 |
| ओडिशा | 21 | 20 | 1 | 0 |
| केरल | 20 | 1 | 14 | 5 |
| तेलंगाना | 17 | 8 | 8 | 1 |
| असम | 14 | 9 | 3 | 2 |
| झारखंड | 14 | 8 | 2 | 4 |
| पंजाब | 13 | 0 | 7 | 6 |
| छत्तीसगढ़ | 11 | 10 | 1 | 0 |
| हरियाणा | 10 | 5 | 5 | 0 |
| दिल्ली | 7 | 7 | 0 | 0 |
| जम्मू-कश्मीर | 5 | 2 | 0 | 3 |
| उत्तराखंड | 5 | 5 | 0 | 0 |
| हिमाचल प्रदेश | 4 | 4 | 0 | 0 |
| अरुणाचल प्रदेश | 2 | 2 | 0 | 0 |
| गोवा | 2 | 1 | 1 | 0 |
| मणिपुर | 2 | 0 | 2 | 0 |
| मेघालय | 2 | 0 | 1 | 1 |
| त्रिपुरा | 2 | 2 | 0 | 0 |
| दादरा-नगर हवेली एवं दमन-दीव | 2 | 1 | 0 | 1 |
| अंडमान-निकोबार | 1 | 1 | 0 | 0 |
| चंडीगढ़ | 1 | 0 | 1 | 0 |
| लक्षद्वीप | 1 | 0 | 1 | 0 |
| लद्दाख | 1 | 0 | 0 | 1 |
| मिजोरम | 1 | 0 | 0 | 1 |
| नगालैंड | 1 | 0 | 1 | 0 |
| पुडुचेरी | 1 | 0 | 1 | 0 |
| सिक्किम | 1 | 0 | 0 | 1 |
| **कुल** | **543** | **240** | **99** | **204** |

राज्यवार सीटें निर्वाचन आयोग के परिणामों के अनुसार; अन्य दलों का विवरण नीचे अलग है।

## 6. प्रमुख राज्यों में सभी महत्वपूर्ण दलों का परिणाम

| राज्य | दलवार सीटें |
| --- | --- |
| उत्तर प्रदेश | सपा 37, भाजपा 33, कांग्रेस 6, रालोद 2, अपना दल (एस) 1, आजाद समाज पार्टी 1 |
| महाराष्ट्र | कांग्रेस 13, भाजपा 9, शिवसेना (उद्धव) 9, एनसीपी (शरद) 8, शिवसेना (शिंदे) 7, एनसीपी (अजित) 1, निर्दलीय 1 |
| पश्चिम बंगाल | तृणमूल 29, भाजपा 12, कांग्रेस 1 |
| बिहार | भाजपा 12, जदयू 12, लोजपा (रामविलास) 5, राजद 4, कांग्रेस 3, भाकपा (माले) 2, हम (सेक्युलर) 1, निर्दलीय 1 |
| तमिलनाडु | डीएमके 22, कांग्रेस 9, वीसीके 2, भाकपा 2, माकपा 2, एमडीएमके 1, मुस्लिम लीग 1 |
| मध्य प्रदेश | भाजपा 29 |
| कर्नाटक | भाजपा 17, कांग्रेस 9, जद (सेक्युलर) 2 |
| गुजरात | भाजपा 25, कांग्रेस 1 |
| राजस्थान | भाजपा 14, कांग्रेस 8, माकपा 1, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी 1, भारत आदिवासी पार्टी 1 |
| आंध्र प्रदेश | तेलुगु देशम 16, वाईएसआर कांग्रेस 4, भाजपा 3, जनसेना 2 |
| ओडिशा | भाजपा 20, कांग्रेस 1 |
| केरल | कांग्रेस 14, मुस्लिम लीग 2, भाजपा 1, माकपा 1, केरल कांग्रेस 1, आरएसपी 1 |
| तेलंगाना | भाजपा 8, कांग्रेस 8, एमआईएम 1 |
| असम | भाजपा 9, कांग्रेस 3, यूपीपीएल 1, असम गण परिषद 1 |
| झारखंड | भाजपा 8, झामुमो 3, कांग्रेस 2, आजसू 1 |
| पंजाब | कांग्रेस 7, आम आदमी पार्टी 3, निर्दलीय 2, अकाली दल 1 |
| छत्तीसगढ़ | भाजपा 10, कांग्रेस 1 |
| हरियाणा | भाजपा 5, कांग्रेस 5 |
| दिल्ली | भाजपा 7 |
| जम्मू-कश्मीर | नेशनल कॉन्फ्रेंस 2, भाजपा 2, निर्दलीय 1 |

## 7. उत्तर प्रदेश : 2019 की तुलना में क्या बदला?

2024 के चुनाव में उत्तर प्रदेश का परिणाम केंद्र की सत्ता के समीकरण के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा। राज्य की 80 सीटों में समाजवादी पार्टी ने 37, भाजपा ने 33 और कांग्रेस ने छह सीटें जीतीं।

सपा और कांग्रेस ने इंडिया गठबंधन के अंतर्गत चुनावी तालमेल किया। भाजपा का राष्ट्रीय लोकदल और अपना दल (सोनेलाल) से गठबंधन था।

## 2019 और 2024 के परिणामों की तुलना

| दल | 2019 | 2024 |
| --- | --- | --- |
| भाजपा | 62 | 33 |
| समाजवादी पार्टी | 5 | 37 |
| कांग्रेस | 1 | 6 |
| बहुजन समाज पार्टी | 10 | 0 |
| अपना दल (सोनेलाल) | 2 | 1 |
| राष्ट्रीय लोकदल | 0 | 2 |
| आजाद समाज पार्टी | 0 | 1 |

भाजपा की सीटों में 29 की कमी हुई। समाजवादी पार्टी की सीटें पाँच से बढ़कर 37 हो गईं। कांग्रेस को पाँच अतिरिक्त सीटें मिलीं।

सपा और कांग्रेस ने मिलकर **43 सीटें** जीतीं, जबकि भाजपा तथा उसके सहयोगियों को 36 सीटें मिलीं। नगीना से आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद निर्वाचित हुए।

## प्रमुख राजनीतिक नेताओं के परिणाम

अखिलेश यादव कन्नौज से चुनाव जीते। डिंपल यादव मैनपुरी से, धर्मेंद्र यादव आजमगढ़ से और अवधेश प्रसाद फैजाबाद से निर्वाचित हुए।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रायबरेली से चुनाव जीता। अमेठी में कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा ने भाजपा की स्मृति ईरानी को हराया।

इस चुनाव में फैजाबाद, अयोध्या को समाहित करने वाला लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र होने के कारण राष्ट्रीय चर्चा में रहा। समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद की जीत इस क्षेत्र का प्रमुख चुनावी परिणाम था।

## 8. 2024 के चर्चित चुनावी मुकाबले

| निर्वाचन क्षेत्र | विजेता | प्रमुख प्रतिद्वंद्वी / परिणाम |
| --- | --- | --- |
| वाराणसी | नरेंद्र मोदी — भाजपा | अजय राय — कांग्रेस |
| रायबरेली | राहुल गांधी — कांग्रेस | दिनेश प्रताप सिंह — भाजपा |
| अमेठी | किशोरी लाल शर्मा — कांग्रेस | स्मृति ईरानी — भाजपा |
| कन्नौज | अखिलेश यादव — सपा | सुब्रत पाठक — भाजपा |
| मैनपुरी | डिंपल यादव — सपा | जयवीर सिंह — भाजपा |
| फैजाबाद | अवधेश प्रसाद — सपा | लल्लू सिंह — भाजपा |
| गांधीनगर | अमित शाह — भाजपा | सोनल पटेल — कांग्रेस |
| लखनऊ | राजनाथ सिंह — भाजपा | रविदास मेहरोत्रा — सपा |
| विदिशा | शिवराज सिंह चौहान — भाजपा | प्रताप भानु शर्मा — कांग्रेस |
| गुना | ज्योतिरादित्य सिंधिया — भाजपा | यादवेन्द्र राव देशराज सिंह — कांग्रेस |
| मंडी | कंगना रनौत — भाजपा | विक्रमादित्य सिंह — कांग्रेस |
| हमीरपुर, हिमाचल | अनुराग ठाकुर — भाजपा | सतपाल रायजादा — कांग्रेस |
| बारामूला | इंजीनियर राशिद — निर्दलीय | उमर अब्दुल्ला — नेशनल कॉन्फ्रेंस |
| हैदराबाद | असदुद्दीन ओवैसी — एआईएमआईएम | माधवी लता — भाजपा |
| नगीना | चंद्रशेखर आजाद — आजाद समाज पार्टी | भाजपा, सपा एवं अन्य उम्मीदवार |

## वाराणसी : नरेंद्र मोदी बनाम अजय राय

| प्रत्याशी | प्राप्त मत |
| --- | --- |
| नरेंद्र मोदी — भाजपा | 6,12,970 |
| अजय राय — कांग्रेस | 4,60,457 |

नरेंद्र मोदी की जीत का अंतर

## 1,52,513 वोट

स्रोत: निर्वाचन क्षेत्रवार परिणाम।

2019 में नरेंद्र मोदी की वाराणसी से जीत का अंतर लगभग 4.79 लाख वोट था। 2024 में यह घटकर लगभग 1.53 लाख रह गया।

## रायबरेली : राहुल गांधी की जीत

| प्रत्याशी | प्राप्त मत |
| --- | --- |
| राहुल गांधी — कांग्रेस | 6,87,649 |
| दिनेश प्रताप सिंह — भाजपा | 2,97,619 |

जीत का अंतर

## 3,90,030 वोट

राहुल गांधी ने रायबरेली के साथ केरल की वायनाड सीट से भी चुनाव जीता। बाद में उन्होंने रायबरेली सीट अपने पास रखी और वायनाड सीट छोड़ी। यह 4 जून के आम चुनाव परिणाम और उसके बाद की संसदीय प्रक्रिया का अलग घटनाक्रम है।

## अमेठी : किशोरी लाल शर्मा बनाम स्मृति ईरानी

विजेता

**किशोरी लाल शर्मा — कांग्रेस**

पराजित प्रमुख उम्मीदवार

स्मृति ईरानी — भाजपा

जीत का अंतर

## 1,67,196 वोट

स्मृति ईरानी ने 2019 में राहुल गांधी को अमेठी से हराया था। 2024 में उसी सीट से उन्हें किशोरी लाल शर्मा ने पराजित किया।

## 9. चुनाव के आठ प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम

**1. नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली**

भाजपा के अपने सांसदों की संख्या 303 से घटकर 240 हो गई। हालांकि एनडीए ने बहुमत हासिल किया और नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी सरकार बनाई।

9 जून 2024 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें शपथ दिलाई।

**2. चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम को 16 सीटें**

आंध्र प्रदेश में तेलुगु देशम ने 16, भाजपा ने तीन और जनसेना ने दो सीटें जीतीं। इन तीन दलों के गठबंधन को राज्य की 25 में से 21 सीटें मिलीं।

साथ हुए विधानसभा चुनाव में भी गठबंधन विजयी हुआ और चंद्रबाबू नायडू मुख्यमंत्री बने।

**3. बिहार में नीतीश कुमार की जदयू को 12 सीटें**

जनता दल (यूनाइटेड) ने 12 और भाजपा ने भी 12 सीटें जीतीं। चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) को पाँच सीटें मिलीं।

जदयू के 12 सांसद केंद्र में एनडीए के संसदीय बहुमत का महत्वपूर्ण हिस्सा बने।

**4. समाजवादी पार्टी 37 सीटों के साथ तीसरी सबसे बड़ी पार्टी**

समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में 37 सीटें जीतीं। यह उसका किसी लोकसभा चुनाव में तब तक का सर्वाधिक सीट प्रदर्शन था।

अखिलेश यादव स्वयं कन्नौज से जीतकर लोकसभा पहुँचे।

**5. पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को 29 सीटें**

ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को 29, भाजपा को 12 और कांग्रेस को एक सीट मिली।

2019 की तुलना में तृणमूल की सात सीटें बढ़ीं और भाजपा की छह कम हुईं।

**6. ओडिशा में भाजपा की लोकसभा और विधानसभा चुनाव में सफलता**

ओडिशा की 21 में से भाजपा को 20 और कांग्रेस को एक लोकसभा सीट मिली। बीजू जनता दल कोई लोकसभा सीट नहीं जीत सका।

विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को बहुमत मिला और मोहन चरण माझी मुख्यमंत्री बने। नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजद की सरकार का 24 वर्ष से अधिक समय का कार्यकाल समाप्त हुआ।

**7. कांग्रेस की सीटें 52 से बढ़कर 99 हुईं**

मल्लिकार्जुन खरगे के अध्यक्ष रहते हुए कांग्रेस ने 99 सीटें जीतीं। राहुल गांधी रायबरेली और वायनाड दोनों सीटों पर विजयी हुए।

कांग्रेस को लोकसभा में प्रमुख विपक्षी दल का स्थान मिला और राहुल गांधी को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया गया।

**8. केरल में भाजपा की पहली लोकसभा सीट**

अभिनेता और भाजपा नेता सुरेश गोपी ने त्रिशूर से चुनाव जीतकर केरल में भाजपा का लोकसभा खाता खोला।

राज्य में कांग्रेस को 14 सीटें मिलीं, जबकि अन्य सीटें उसके सहयोगियों तथा वाम दलों और भाजपा को मिलीं।

## 10. एनडीए की सरकार कैसे बनी?

2024 में भाजपा के अपने 240 सांसद थे। पूर्ण बहुमत के लिए 272 सांसदों की आवश्यकता थी। इसलिए उसे कम से कम 32 अन्य सांसदों का समर्थन चाहिए था।

एनडीए के प्रमुख सहयोगियों की संख्या इस प्रकार थी।

| एनडीए का घटक दल | सीटें |
| --- | --- |
| भारतीय जनता पार्टी | 240 |
| तेलुगु देशम पार्टी | 16 |
| जनता दल (यूनाइटेड) | 12 |
| शिवसेना (एकनाथ शिंदे) | 7 |
| लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) | 5 |
| जनसेना पार्टी | 2 |
| जनता दल (सेक्युलर) | 2 |
| राष्ट्रीय लोकदल | 2 |
| अपना दल (सोनेलाल) | 1 |
| हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) | 1 |
| आजसू पार्टी | 1 |
| असम गण परिषद | 1 |
| यूपीपीएल | 1 |
| सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा | 1 |
| एनसीपी (अजित पवार) | 1 |
| **एनडीए कुल** | **293** |

गठबंधन की यह गणना 2024 के चुनाव-समय के एनडीए घटकों के अनुसार है।

तेलुगु देशम और जदयू की संयुक्त संख्या 28 थी। यदि इन 28 सांसदों को अलग रखा जाए, तो 293 सदस्यीय एनडीए की संख्या घटकर 265 रह जाती है—जो 272 के बहुमत से सात कम है।

इसलिए तीसरी मोदी सरकार के गठन में तेलुगु देशम और जनता दल (यूनाइटेड) दोनों का समर्थन राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था।

## 11. विपक्षी इंडिया गठबंधन का संसदीय प्रदर्शन

विपक्षी इंडिया गठबंधन की कुल 234 सीटों में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके और कई अन्य दल शामिल थे।

| प्रमुख विपक्षी दल | सीटें |
| --- | --- |
| कांग्रेस | 99 |
| समाजवादी पार्टी | 37 |
| तृणमूल कांग्रेस | 29 |
| डीएमके | 22 |
| शिवसेना (उद्धव) | 9 |
| एनसीपी (शरदचंद्र पवार) | 8 |
| राष्ट्रीय जनता दल | 4 |
| मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी | 4 |
| आम आदमी पार्टी | 3 |
| झारखंड मुक्ति मोर्चा | 3 |
| अन्य सहयोगी दल | शेष सीटें |

तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र चुनावी रणनीति के साथ मैदान में थी, जबकि उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस और तमिलनाडु में डीएमके-कांग्रेस के बीच स्पष्ट सीट बँटवारा था। इसलिए इंडिया गठबंधन को सभी राज्यों में एक समान चुनावी व्यवस्था वाला गठबंधन मानना उचित नहीं होगा।

## 12. 2019 और 2024 के चुनावों की तुलना

| राजनीतिक दल | 2019 | 2024 | परिवर्तन |
| --- | --- | --- | --- |
| भाजपा | 303 | 240 | −63 |
| कांग्रेस | 52 | 99 | \+47 |
| समाजवादी पार्टी | 5 | 37 | \+32 |
| तृणमूल कांग्रेस | 22 | 29 | \+7 |
| डीएमके | 24 | 22 | −2 |
| तेलुगु देशम | 3 | 16 | \+13 |
| जदयू | 16 | 12 | −4 |
| वाईएसआर कांग्रेस | 22 | 4 | −18 |
| बीजू जनता दल | 12 | 0 | −12 |
| बसपा | 10 | 0 | −10 |
| आम आदमी पार्टी | 1 | 3 | \+2 |

## राष्ट्रीय वोट प्रतिशत की तुलना

| राजनीतिक दल | 2019 | 2024 |
| --- | --- | --- |
| भाजपा | 37.36% | 36.56% |
| कांग्रेस | 19.49% | 21.19% |
| समाजवादी पार्टी | 2.55% | 4.58% |
| तृणमूल कांग्रेस | 4.06% | 4.37% |

भाजपा का मत प्रतिशत 0.80 प्रतिशत अंक कम हुआ, लेकिन सीटें 63 घट गईं। दूसरी ओर कांग्रेस का वोट शेयर 1.70 प्रतिशत अंक बढ़ा और उसकी सीटें 47 बढ़ीं।

विशेषकर उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में सीटों के वितरण में बड़े बदलाव का राष्ट्रीय परिणाम पर प्रभाव पड़ा।

## 13. पहले अठारह लोकसभा चुनावों में कांग्रेस और जनसंघ/भाजपा का प्रदर्शन

| लोकसभा चुनाव | कांग्रेस की सीटें | जनसंघ / भाजपा की सीटें |
| --- | --- | --- |
| 1951–52 | 364 | 3 |
| 1957 | 371 | 4 |
| 1962 | 361 | 14 |
| 1967 | 283 | 35 |
| 1971 | 352 | 22 |
| 1977 | 154 | जनसंघ जनता पार्टी में समाहित |
| 1980 | 353 | भाजपा का गठन चुनाव के बाद |
| 1984–85 | 414 | 2 |
| 1989 | 197 | 85 |
| 1991–92 | 244 | 120 |
| 1996 | 140 | 161 |
| 1998 | 141 | 182 |
| 1999 | 114 | 182 |
| 2004 | 145 | 138 |
| 2009 | 206 | 116 |
| 2014 | 44 | 282 |
| 2019 | 52 | 303 |
| 2024 | 99 | 240 |

यह चुनावी इतिहास की तुलनात्मक सूची है। 1951 से 1971 तक अंतिम स्तंभ भारतीय जनसंघ का है; 1984 के बाद भाजपा का। 1984–85 और 1991–92 में बाद के स्थगित चुनावों को जोड़कर कांग्रेस की सीटें प्रदर्शित की गई हैं।

## 14. 2024 चुनाव के बाद प्रमुख संसदीय घटनाएँ

1. **9 जून 2024:** नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। 2. **24 जून 2024:** अठारहवीं लोकसभा का पहला सत्र प्रारंभ हुआ। 3. **26 जून 2024:** ओम बिरला पुनः लोकसभा अध्यक्ष निर्वाचित हुए। 4. **जून 2024:** राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बने। 5. **जुलाई 2024:** नई सरकार का पहला पूर्ण केंद्रीय बजट प्रस्तुत हुआ।

इन घटनाओं का संबंध चुनाव के परिणामस्वरूप नई लोकसभा और सरकार के गठन से है। आगे की राजनीतिक घटनाओं को 2024 के मूल जनादेश से अलग ऐतिहासिक क्रम में दर्ज करना चाहिए।

## 15. मूल आधिकारिक स्रोत

2024 के लिए निर्वाचन आयोग ने विस्तृत और विषयवार सांख्यिकीय रिपोर्टें तथा चुनावी एटलस प्रकाशित किया है।

[निर्वाचन आयोग : लोकसभा चुनाव 2024 की 42 सांख्यिकीय रिपोर्टें](https://www.eci.gov.in/general-election-to-loksabha-2024-statistical-reports)

दलवार मत, राज्यवार परिणाम, निर्वाचन क्षेत्र, उम्मीदवार, मतदान और जनसांख्यिकीय आँकड़े

[निर्वाचन आयोग : Atlas 2024](https://www.eci.gov.in/EBooks/atlas-2024/)

ऐतिहासिक मतदान तुलनाएँ, सीटें, प्रत्याशी और चुनावी आँकड़ों के चित्र

[भारत सरकार : 2024 चुनाव का विस्तृत डेटा संग्रह](https://data.gov.in/catalog/general-election-lok-sabha-2024-statistical-reports-data)

सारणीबद्ध चुनावी आँकड़े और शोध के लिए डाउनलोड योग्य विवरण

[निर्वाचन आयोग : 4 जून 2024 के लोकसभा चुनाव परिणाम](https://results.eci.gov.in/PcResultGenJune2024/index.htm)

निर्वाचन क्षेत्र और दलवार घोषित परिणाम

## 16. अठारहवें लोकसभा चुनाव का ऐतिहासिक निष्कर्ष

2024 के चुनाव ने भारत की संसदीय राजनीति में तीन बड़े परिवर्तन दर्ज किए।

पहला, भाजपा लगातार तीसरी बार केंद्र सरकार का नेतृत्व करने की स्थिति में पहुँची, लेकिन 2014 और 2019 के विपरीत उसके पास इस बार अपने दम पर लोकसभा का बहुमत नहीं था।

दूसरा, कांग्रेस 52 से बढ़कर 99 और समाजवादी पार्टी पाँच से बढ़कर 37 सीटों तक पहुँची। उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस गठबंधन को 43 सीटें मिलीं, जबकि महाराष्ट्र में कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने उल्लेखनीय संख्या में सीटें जीतीं।

तीसरा, तेलुगु देशम और जदयू जैसे सहयोगी दलों का संसदीय समर्थन तीसरी मोदी सरकार के गठन में निर्णायक हो गया।

**इस चुनाव का केंद्रीय ऐतिहासिक तथ्य है कि भाजपा की सीटें 303 से घटकर 240 हो गईं, लेकिन एनडीए की 293 सीटों के आधार पर नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार सरकार बनाई।** इस प्रकार 2024 का चुनाव 2014 और 2019 के एकदलीय बहुमत तथा 2024 की गठबंधन-निर्भर सरकार के बीच स्पष्ट संसदीय अंतर स्थापित करता है।

इसके साथ भारत में 1951–52 से 2024 तक हुए सभी 18 लोकसभा आम चुनावों का ऐतिहासिक क्रम पूरा होता है।

मूल वेबसाइट: https://omkarchaudhary.com/research/lok-sabha-elections-1951-2024/election-18