# भारत का पंद्रहवाँ लोकसभा चुनाव 2009 : कांग्रेस की 206 सीटें, भाजपा की पराजय और मनमोहन सिंह की दूसरी सरकार

ओमकार चौधरी / OCN Research Desk

भारतीय संसदीय चुनावों का इतिहास — पंद्रहवाँ अध्याय

भारत का पंद्रहवाँ लोकसभा आम चुनाव 16 अप्रैल से 13 मई 2009 के बीच पाँच चरणों में हुआ। यह चुनाव भारतीय राजनीति में इसलिए महत्वपूर्ण था कि 2004 में केवल 145 सीटें जीतकर गठबंधन सरकार बनाने वाली कांग्रेस ने पाँच वर्ष बाद अपनी सीटों की संख्या बढ़ाकर 206 कर ली।

डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार ने अपना पाँच वर्षीय कार्यकाल पूरा किया था। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी थीं और प्रधानमंत्री पद के लिए मनमोहन सिंह का नेतृत्व सामने रखा गया था।

दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के मुकाबले वाम दलों, बहुजन समाज पार्टी, तेलुगु देशम और अन्नाद्रमुक सहित विभिन्न दलों ने तीसरे मोर्चे की राजनीति को आगे बढ़ाया।

**16 मई 2009 को आए परिणामों में कांग्रेस ने 206 सीटें और भाजपा ने 116 सीटें जीतीं।** कांग्रेस को 28.55 प्रतिशत और भाजपा को 18.80 प्रतिशत राष्ट्रीय मत मिले। यूपीए को चुनाव में 262 सीटें प्राप्त हुईं और उसने अन्य दलों के समर्थन से दोबारा सरकार बनाई।

22 मई 2009 को डॉ. मनमोहन सिंह ने लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।

लोकसभा सीटें

## 543

कांग्रेस की सीटें

## 206

भाजपा की सीटें

## 116

यूपीए गठबंधन

## 262

यूपीए की 262 सीटें चुनावी गठबंधन की गणना हैं, केवल कांग्रेस की नहीं।

## 1. पंद्रहवें लोकसभा चुनाव के प्रमुख आँकड़े

| चुनाव संबंधी विवरण | आँकड़े |
| --- | --- |
| लोकसभा | पंद्रहवीं |
| मतदान | 16 अप्रैल–13 मई 2009 |
| मतदान चरण | 5 |
| मतगणना | 16 मई 2009 |
| लोकसभा का गठन | 18 मई 2009 |
| निर्वाचित सीटें | 543 |
| बहुमत के लिए आवश्यक | 272 |
| पंजीकृत मतदाता | लगभग 71.7 करोड़ |
| मतदान करने वाले | लगभग 41.7 करोड़ |
| मतदान प्रतिशत | लगभग 58.2% |
| कुल उम्मीदवार | 8,070 |
| निर्दलीय उम्मीदवार | 3,831 |
| निर्वाचित महिला सांसद | 59 (सरकारी संसदीय समय-श्रृंखला) |
| कांग्रेस की सीटें | 206 |
| भाजपा की सीटें | 116 |
| बहुजन समाज पार्टी | 21 |
| समाजवादी पार्टी | 23 |
| जदयू | 20 |
| तृणमूल कांग्रेस | 19 |
| डीएमके | 18 |
| मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी | 16 |
| मुख्य निर्वाचन आयुक्त | नवीन बी. चावला (मुख्य मतदान अवधि में) |
| चुनाव के बाद प्रधानमंत्री | डॉ. मनमोहन सिंह |

मतदान प्रतिशत की गणना कुछ प्रकाशनों में 58.19, 58.21 या पूर्णांकित 58.2 प्रतिशत के आसपास मिलती है। यहाँ तुलनीय चुनावी सारांश के लिए लगभग 58.2 प्रतिशत लिया गया है।

## 2. 2009 के चुनाव की राजनीतिक पृष्ठभूमि

2004 से 2009 के बीच मनमोहन सिंह सरकार ने कई प्रमुख आर्थिक और सामाजिक कानून लागू किए। वहीं परमाणु समझौते पर वाम दलों से मतभेद, महँगाई, आतंकवादी घटनाएँ और वैश्विक आर्थिक संकट चुनाव से पहले महत्वपूर्ण विषय बने।

1. **2005 — सूचना का अधिकार अधिनियम**

नागरिकों को सरकारी सूचनाएँ प्राप्त करने का वैधानिक अधिकार देने वाला प्रमुख कानून लागू हुआ। 2. **2005–06 — ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना**

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम का प्रारंभिक कानून 2005 में पारित हुआ और फरवरी 2006 से चरणबद्ध लागू हुआ। 3. **2008 — किसानों की ऋणमाफी**

केंद्रीय बजट में कृषि ऋणमाफी एवं ऋण राहत योजना की घोषणा की गई। इसका लक्ष्य पात्र किसानों को संस्थागत ऋण से राहत देना था। 4. **जुलाई 2008 — भारत-अमेरिका परमाणु समझौते पर विवाद**

वाम दलों ने सरकार से समर्थन वापस लिया। 22 जुलाई को सरकार ने लोकसभा में 275 के मुकाबले 256 मतों से विश्वास मत जीता। 5. **नवंबर 2008 — मुंबई आतंकवादी हमला**

26 से 29 नवंबर तक मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों ने राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी व्यवस्थाओं और खुफिया तंत्र के प्रश्नों को चुनावी बहस में प्रमुख बनाया। 6. **2008–09 — वैश्विक आर्थिक संकट**

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट ने भारत की आर्थिक वृद्धि और सरकारी नीतियों पर विमर्श को प्रभावित किया।

## 3. चुनाव मैदान में प्रमुख राजनीतिक दल और उनके नेता

| राजनीतिक दल | प्रमुख नेता |
| --- | --- |
| भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस | सोनिया गांधी, डॉ. मनमोहन सिंह, राहुल गांधी |
| भारतीय जनता पार्टी | लालकृष्ण आडवाणी, राजनाथ सिंह, अटल बिहारी वाजपेयी |
| समाजवादी पार्टी | मुलायम सिंह यादव, अमर सिंह |
| बहुजन समाज पार्टी | मायावती |
| जनता दल (यूनाइटेड) | नीतीश कुमार, शरद यादव |
| राष्ट्रीय जनता दल | लालू प्रसाद यादव |
| लोक जनशक्ति पार्टी | रामविलास पासवान |
| तृणमूल कांग्रेस | ममता बनर्जी |
| डीएमके | एम. करुणानिधि |
| अन्नाद्रमुक | जे. जयललिता |
| मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी | प्रकाश करात, बुद्धदेव भट्टाचार्य |
| भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी | ए. बी. बर्धन |
| तेलुगु देशम पार्टी | एन. चंद्रबाबू नायडू |
| बीजू जनता दल | नवीन पटनायक |
| राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी | शरद पवार |
| शिवसेना | बाल ठाकरे, उद्धव ठाकरे |
| शिरोमणि अकाली दल | प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल |
| राष्ट्रीय लोकदल | अजित सिंह |
| तेलंगाना राष्ट्र समिति | के. चंद्रशेखर राव |
| जनता दल (सेक्युलर) | एच. डी. देवेगौड़ा |
| झारखंड मुक्ति मोर्चा | शिबू सोरेन |
| असम गण परिषद | चंद्रमोहन पटवारी, प्रफुल्ल कुमार महंत |
| असम यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट | बदरुद्दीन अजमल |
| प्रजा राज्यम पार्टी | चिरंजीवी |
| जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस | फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला |
| इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग | ई. अहमद |
| एमआईएम | असदुद्दीन ओवैसी |

नेताओं की सूची में दलाध्यक्षों के साथ प्रमुख प्रचारक और राजनीतिक चेहरे भी हैं। 2009 में भाजपा के अध्यक्ष राजनाथ सिंह थे, जबकि लालकृष्ण आडवाणी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे।

## 4. दलवार चुनाव परिणाम : सीटें और राष्ट्रीय वोट शेयर

2009 में कांग्रेस को 28.55 प्रतिशत मत मिले और 206 सीटें मिलीं। भाजपा का मत प्रतिशत 18.80 रहा और उसे 116 सीटें मिलीं।

नीचे सीट जीतने वाले दलों का राष्ट्रीय परिणाम दिया गया है।

| राजनीतिक दल | सीटें | वोट शेयर |
| --- | --- | --- |
| भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस | 206 | 28.55% |
| भारतीय जनता पार्टी | 116 | 18.80% |
| समाजवादी पार्टी | 23 | 3.42% |
| बहुजन समाज पार्टी | 21 | 6.17% |
| जनता दल (यूनाइटेड) | 20 | 1.52% |
| तृणमूल कांग्रेस | 19 | 3.20% |
| डीएमके | 18 | 1.83% |
| मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी | 16 | 5.33% |
| बीजू जनता दल | 14 | 1.59% |
| शिवसेना | 11 | 1.55% |
| राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी | 9 | 2.04% |
| अन्नाद्रमुक | 9 | 1.67% |
| तेलुगु देशम पार्टी | 6 | 2.51% |
| राष्ट्रीय लोकदल | 5 | 0.44% |
| भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी | 4 | 1.43% |
| राष्ट्रीय जनता दल | 4 | 1.27% |
| शिरोमणि अकाली दल | 4 | 0.96% |
| जनता दल (सेक्युलर) | 3 | 0.82% |
| जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस | 3 | 0.12% |
| तेलंगाना राष्ट्र समिति | 2 | 0.62% |
| झारखंड मुक्ति मोर्चा | 2 | 0.40% |
| रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी | 2 | 0.38% |
| फॉरवर्ड ब्लॉक | 2 | 0.32% |
| इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग | 2 | 0.21% |
| असम यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट | 1 | 0.52% |
| असम गण परिषद | 1 | 0.42% |
| एमडीएमके | 1 | 0.27% |
| झारखंड विकास मोर्चा | 1 | 0.23% |
| नगालैंड पीपुल्स फ्रंट | 1 | 0.20% |
| हरियाणा जनहित कांग्रेस | 1 | 0.20% |
| विदुथलाई चिरुथैगल कच्ची | 1 | 0.18% |
| बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट | 1 | 0.16% |
| स्वतंत्र भारत पक्ष | 1 | 0.12% |
| केरल कांग्रेस (एम) | 1 | 0.10% |
| एमआईएम | 1 | 0.07% |
| बहुजन विकास आघाड़ी | 1 | 0.05% |
| सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट | 1 | 0.04% |
| निर्दलीय | 9 | 5.19% |

यह राष्ट्रीय स्तर पर सभी वैध मतों में संबंधित दल की हिस्सेदारी है। सभी शून्य-सीट वाले दल सूची में नहीं हैं। छोटे क्षेत्रीय दलों के नाम चुनाव के समय के अनुसार दिए गए हैं। विशेषकर तेलंगाना राष्ट्र समिति को उसके तत्कालीन नाम से दर्शाया गया है।

## परिणामों के चार महत्वपूर्ण तथ्य

पहला, कांग्रेस को भाजपा से 9.75 प्रतिशत अंक अधिक राष्ट्रीय वोट मिले और उसकी सीटें भाजपा से 90 अधिक रहीं।

दूसरा, बहुजन समाज पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर 6.17 प्रतिशत वोट मिले, जो समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और जनता दल (यूनाइटेड) के मत प्रतिशत से अधिक थे। फिर भी बसपा ने 21 सीटें जीतीं।

तीसरा, वामपंथी दलों को 2004 की तुलना में काफी नुकसान हुआ। माकपा 43 से घटकर 16 सीटों पर आ गई और भाकपा दस से घटकर चार सीटें जीत सकी।

चौथा, तृणमूल कांग्रेस ने 2004 की दो सीटों से बढ़कर 19 सीटें हासिल कीं। पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह बड़ा परिवर्तन था।

## 5. किस राज्य में कितनी लोकसभा सीटें थीं? राज्यवार परिणाम

2009 में कुल 28 राज्यों और सात केंद्रशासित प्रदेशों से 543 सांसद चुने गए। आंध्र प्रदेश अभी अविभाजित था और उसमें वर्तमान तेलंगाना का क्षेत्र भी शामिल था।

नीचे राज्यवार कांग्रेस, भाजपा और अन्य दलों की सीटों का विवरण दिया गया है।

| राज्य / केंद्रशासित प्रदेश | कुल सीटें | कांग्रेस | भाजपा | अन्य |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| उत्तर प्रदेश | 80 | 21 | 10 | 49 |
| महाराष्ट्र | 48 | 17 | 9 | 22 |
| आंध्र प्रदेश | 42 | 33 | 0 | 9 |
| पश्चिम बंगाल | 42 | 6 | 1 | 35 |
| बिहार | 40 | 2 | 12 | 26 |
| तमिलनाडु | 39 | 8 | 0 | 31 |
| मध्य प्रदेश | 29 | 12 | 16 | 1 |
| कर्नाटक | 28 | 6 | 19 | 3 |
| गुजरात | 26 | 11 | 15 | 0 |
| राजस्थान | 25 | 20 | 4 | 1 |
| ओडिशा | 21 | 6 | 0 | 15 |
| केरल | 20 | 13 | 0 | 7 |
| असम | 14 | 7 | 4 | 3 |
| झारखंड | 14 | 1 | 8 | 5 |
| पंजाब | 13 | 8 | 1 | 4 |
| छत्तीसगढ़ | 11 | 1 | 10 | 0 |
| हरियाणा | 10 | 9 | 0 | 1 |
| दिल्ली | 7 | 7 | 0 | 0 |
| जम्मू-कश्मीर | 6 | 2 | 0 | 4 |
| उत्तराखंड | 5 | 5 | 0 | 0 |
| हिमाचल प्रदेश | 4 | 1 | 3 | 0 |
| अरुणाचल प्रदेश | 2 | 2 | 0 | 0 |
| गोवा | 2 | 1 | 1 | 0 |
| मणिपुर | 2 | 2 | 0 | 0 |
| मेघालय | 2 | 1 | 0 | 1 |
| त्रिपुरा | 2 | 0 | 0 | 2 |
| मिजोरम | 1 | 1 | 0 | 0 |
| नगालैंड | 1 | 0 | 0 | 1 |
| सिक्किम | 1 | 0 | 0 | 1 |
| अंडमान एवं निकोबार | 1 | 0 | 1 | 0 |
| चंडीगढ़ | 1 | 1 | 0 | 0 |
| दादरा एवं नगर हवेली | 1 | 0 | 1 | 0 |
| दमन और दीव | 1 | 0 | 1 | 0 |
| लक्षद्वीप | 1 | 1 | 0 | 0 |
| पुडुचेरी | 1 | 1 | 0 | 0 |
| **कुल** | **543** | **206** | **116** | **221** |

इस तालिका का ‘अन्य’ स्तंभ केवल संक्षिप्त गणना है। इसमें समाजवादी पार्टी, बसपा, जदयू, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके, बीजद और अन्य दलों के निर्वाचित सांसद शामिल हैं।

## 6. महत्वपूर्ण राज्यों में सभी प्रमुख दलों का प्रदर्शन

| राज्य | पार्टीवार परिणाम |
| --- | --- |
| उत्तर प्रदेश | सपा 23, कांग्रेस 21, बसपा 20, भाजपा 10, रालोद 5, निर्दलीय 1 |
| बिहार | जदयू 20, भाजपा 12, राजद 4, कांग्रेस 2, निर्दलीय 2 |
| महाराष्ट्र | कांग्रेस 17, शिवसेना 11, भाजपा 9, राकांपा 8, स्वतंत्र भारत पक्ष 1, बहुजन विकास आघाड़ी 1, निर्दलीय 1 |
| आंध्र प्रदेश | कांग्रेस 33, तेलुगु देशम 6, तेलंगाना राष्ट्र समिति 2, एमआईएम 1 |
| पश्चिम बंगाल | तृणमूल 19, माकपा 9, कांग्रेस 6, भाकपा 2, आरएसपी 2, फॉरवर्ड ब्लॉक 2, भाजपा 1, निर्दलीय 1 |
| तमिलनाडु | डीएमके 18, अन्नाद्रमुक 9, कांग्रेस 8, माकपा 1, भाकपा 1, एमडीएमके 1, वीसीके 1 |
| मध्य प्रदेश | भाजपा 16, कांग्रेस 12, बसपा 1 |
| कर्नाटक | भाजपा 19, कांग्रेस 6, जद (सेक्युलर) 3 |
| गुजरात | भाजपा 15, कांग्रेस 11 |
| राजस्थान | कांग्रेस 20, भाजपा 4, निर्दलीय 1 |
| ओडिशा | बीजद 14, कांग्रेस 6, भाकपा 1 |
| केरल | कांग्रेस 13, माकपा 4, मुस्लिम लीग 2, केरल कांग्रेस (एम) 1 |
| असम | कांग्रेस 7, भाजपा 4, असम गण परिषद 1, असम यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट 1, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट 1 |
| झारखंड | भाजपा 8, झामुमो 2, निर्दलीय 2, कांग्रेस 1, झारखंड विकास मोर्चा 1 |
| पंजाब | कांग्रेस 8, अकाली दल 4, भाजपा 1 |
| छत्तीसगढ़ | भाजपा 10, कांग्रेस 1 |
| हरियाणा | कांग्रेस 9, हरियाणा जनहित कांग्रेस 1 |
| जम्मू-कश्मीर | नेशनल कॉन्फ्रेंस 3, कांग्रेस 2, निर्दलीय 1 |
| दिल्ली | कांग्रेस 7 |
| उत्तराखंड | कांग्रेस 5 |

## उत्तर प्रदेश : चार बड़े दलों के बीच मुकाबला

2009 के चुनाव में उत्तर प्रदेश का परिणाम विशेष रूप से उल्लेखनीय था। यहाँ किसी एक पार्टी को 30 सीटें भी नहीं मिलीं।

| दल | सीटें | उत्तर प्रदेश में वोट शेयर |
| --- | --- | --- |
| बसपा | 20 | 27.42% |
| सपा | 23 | 23.26% |
| कांग्रेस | 21 | 18.25% |
| भाजपा | 10 | 17.50% |
| रालोद | 5 | 3.27% |

उत्तर प्रदेश में बसपा को सबसे अधिक वोट मिले, लेकिन सबसे अधिक सीटें समाजवादी पार्टी ने जीतीं। कांग्रेस ने 2004 की नौ सीटों से बढ़कर 21 सीटें हासिल कीं। भाजपा की संख्या दस बनी रही।

यह आँकड़ा राष्ट्रीय चुनावी प्रणाली की एक महत्वपूर्ण विशेषता को दर्शाता है—किसी दल को सर्वाधिक मत मिलना और सर्वाधिक सीटें मिलना दो अलग परिणाम हो सकते हैं।

## 7. चुनाव की सात महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाएँ

**1. मनमोहन सिंह दूसरी बार प्रधानमंत्री बने**

2004–09 में कार्यकाल पूरा करने के बाद मनमोहन सिंह ने पुनः यूपीए सरकार का नेतृत्व किया। कांग्रेस को 206 सीटें मिलीं और गठबंधन अन्य दलों के सहयोग से बहुमत जुटा सका।

22 मई 2009 को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने मनमोहन सिंह को दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई।

**2. आडवाणी के नेतृत्व में भाजपा की पराजय**

भाजपा ने लालकृष्ण आडवाणी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में प्रस्तुत किया। पार्टी ने राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, आर्थिक नीति और सरकार के कामकाज को प्रचार में उठाया।

भाजपा को 116 सीटें मिलीं, जो 2004 की तुलना में 22 कम थीं। उसका राष्ट्रीय वोट शेयर 22.16 से घटकर 18.80 प्रतिशत रह गया।

**3. उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का विस्तार**

राहुल गांधी ने अमेठी से दूसरी बार लोकसभा चुनाव जीता। सोनिया गांधी रायबरेली से विजयी हुईं।

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में 21 सीटें जीतीं। 2004 के मुकाबले उसे 12 अतिरिक्त सीटें मिलीं।

**4. पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस का उभार**

तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस के साथ चुनावी तालमेल किया और 19 सीटें जीत लीं। पश्चिम बंगाल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की सीटें 2004 की 26 से घटकर नौ रह गईं।

यह बदलाव 2011 के विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत था, जब तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन पश्चिम बंगाल में सत्ता में आया।

**5. बिहार में जदयू-भाजपा गठबंधन की जीत**

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जदयू ने 20 और भाजपा ने 12 सीटें जीतीं। दोनों दलों ने मिलकर 40 में से 32 लोकसभा सीटें हासिल कीं।

राष्ट्रीय जनता दल को केवल चार और कांग्रेस को दो सीटें मिलीं।

**6. ओडिशा में भाजपा से अलग होकर बीजद की सफलता**

नवीन पटनायक की बीजू जनता दल ने 2009 के चुनाव से पहले भाजपा के साथ गठबंधन समाप्त कर दिया।

बीजद ने लोकसभा की 21 में से 14 सीटें जीतीं। भाजपा एक भी सीट नहीं जीत सकी। साथ हुए विधानसभा चुनाव में भी बीजद ने सरकार बनाई।

**7. चिरंजीवी की प्रजा राज्यम पार्टी का पहला चुनाव**

अभिनेता चिरंजीवी ने 2008 में प्रजा राज्यम पार्टी बनाई थी। पार्टी ने 2009 के लोकसभा चुनाव में लगभग 1.58 प्रतिशत राष्ट्रीय मत प्राप्त किए, लेकिन कोई सीट नहीं जीती।

आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी को 18 सीटें मिली थीं। बाद में प्रजा राज्यम पार्टी का कांग्रेस में विलय हो गया।

## 8. प्रमुख नेताओं के चुनावी परिणाम

| नेता | निर्वाचन क्षेत्र | परिणाम |
| --- | --- | --- |
| सोनिया गांधी | रायबरेली | कांग्रेस से विजयी |
| राहुल गांधी | अमेठी | कांग्रेस से विजयी |
| लालकृष्ण आडवाणी | गांधीनगर | भाजपा से विजयी |
| राजनाथ सिंह | गाजियाबाद | भाजपा से विजयी |
| मुलायम सिंह यादव | मैनपुरी | सपा से विजयी |
| अखिलेश यादव | कन्नौज और फिरोजाबाद | सपा से दोनों सीटों पर विजयी |
| लालू प्रसाद यादव | सारण | राजद से विजयी |
| रामविलास पासवान | हाजीपुर | लोजपा से पराजित |
| शरद पवार | माढा | राष्ट्रवादी कांग्रेस से विजयी |
| ममता बनर्जी | कोलकाता दक्षिण | तृणमूल कांग्रेस से विजयी |
| असदुद्दीन ओवैसी | हैदराबाद | एमआईएम से विजयी |
| एच. डी. देवेगौड़ा | हासन | जद (सेक्युलर) से विजयी |
| शशि थरूर | तिरुवनंतपुरम | कांग्रेस से पहली बार विजयी |

इस चुनाव में अखिलेश यादव ने कन्नौज और फिरोजाबाद दोनों सीटें जीतीं। बाद में उन्होंने कन्नौज सीट अपने पास रखी।

रामविलास पासवान हाजीपुर से जदयू उम्मीदवार रामसुंदर दास से पराजित हुए। उनकी लोक जनशक्ति पार्टी को इस चुनाव में कोई लोकसभा सीट नहीं मिली।

## 9. यूपीए की दूसरी सरकार कैसे बनी?

चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए ने 262 सीटें हासिल कीं। उसे बहुमत के लिए दस अतिरिक्त सांसदों के समर्थन की आवश्यकता थी।

राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के समक्ष गठबंधन और अन्य समर्थक दलों की ओर से समर्थन पत्र प्रस्तुत किए गए। राष्ट्रपति ने 20 मई 2009 को मनमोहन सिंह को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया।

| राजनीतिक गठबंधन | चुनावी सीटें |
| --- | --- |
| संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) | 262 |
| राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) | 159 |
| तीसरा मोर्चा | 79 |
| अन्य | 43 |
| **कुल** | **543** |

यह चुनाव-समय के गठबंधन वर्गीकरण पर आधारित है। सरकार बनने के बाद समर्थन की स्थिति में परिवर्तन हुए।

## मीरा कुमार पहली महिला लोकसभा अध्यक्ष बनीं

3 जून 2009 को कांग्रेस सांसद मीरा कुमार पंद्रहवीं लोकसभा की अध्यक्ष चुनी गईं। वे इस पद पर पहुँचने वाली भारत की पहली महिला थीं।

## 10. चौदहवें और पंद्रहवें लोकसभा चुनावों की तुलना

| राजनीतिक दल | 2004 | 2009 | परिवर्तन |
| --- | --- | --- | --- |
| कांग्रेस | 145 | 206 | \+61 |
| भाजपा | 138 | 116 | −22 |
| माकपा | 43 | 16 | −27 |
| भाकपा | 10 | 4 | −6 |
| समाजवादी पार्टी | 36 | 23 | −13 |
| बसपा | 19 | 21 | \+2 |
| राजद | 24 | 4 | −20 |
| जदयू | 8 | 20 | \+12 |
| तृणमूल कांग्रेस | 2 | 19 | \+17 |
| डीएमके | 16 | 18 | \+2 |
| बीजद | 11 | 14 | \+3 |
| तेलुगु देशम | 5 | 6 | \+1 |
| राष्ट्रवादी कांग्रेस | 9 | 9 | 0 |
| शिवसेना | 12 | 11 | −1 |

## राष्ट्रीय वोट शेयर की तुलना

| दल | 2004 | 2009 |
| --- | --- | --- |
| कांग्रेस | 26.53% | 28.55% |
| भाजपा | 22.16% | 18.80% |
| बसपा | 5.33% | 6.17% |
| माकपा | 5.66% | 5.33% |
| सपा | लगभग 4.32% | 3.42% |
| तृणमूल कांग्रेस | 2.07% | 3.20% |

2004 के मुकाबले कांग्रेस के राष्ट्रीय वोट शेयर में 2.02 प्रतिशत अंकों की वृद्धि हुई, जबकि भाजपा के वोट शेयर में 3.36 अंकों की गिरावट दर्ज हुई।

## 11. पंद्रहवीं लोकसभा के कार्यकाल की प्रमुख घटनाएँ (2009–2014)

| वर्ष | प्रमुख घटना |
| --- | --- |
| 2009 | मनमोहन सिंह की दूसरी सरकार गठित |
| 2010 | राष्ट्रमंडल खेलों से संबंधित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप और जाँच |
| 2010 | 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट और विवाद |
| 2011 | अन्ना हजारे के नेतृत्व में लोकपाल आंदोलन |
| 2011 | खाद्य सुरक्षा, भ्रष्टाचार और महँगाई पर राजनीतिक बहस |
| 2012 | कोयला ब्लॉक आवंटन संबंधी सीएजी रिपोर्ट और विवाद |
| दिसंबर 2012 | दिल्ली में निर्भया सामूहिक बलात्कार की घटना और देशव्यापी प्रदर्शन |
| 2013 | आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम |
| 2013 | राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम |
| 2013 | लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम |
| 2013 | भूमि अधिग्रहण संबंधी नया केंद्रीय कानून |
| फरवरी 2014 | आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम पारित |
| अप्रैल–मई 2014 | सोलहवाँ लोकसभा चुनाव |

इनमें 2जी, कोयला आवंटन और राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़े आरोपों का उल्लेख तत्कालीन राजनीतिक विवाद के रूप में है। संबंधित मामलों के आरोप, जाँच, न्यायिक निष्कर्ष और बाद की अदालती कार्यवाहियाँ अलग-अलग हैं; उन्हें एक समान दोषसिद्धि नहीं माना जाना चाहिए।

## 12. पहले पंद्रह लोकसभा चुनावों में कांग्रेस और जनसंघ/भाजपा का प्रदर्शन

| चुनाव वर्ष | कांग्रेस सीटें | जनसंघ / भाजपा सीटें |
| --- | --- | --- |
| 1951–52 | 364 | 3 |
| 1957 | 371 | 4 |
| 1962 | 361 | 14 |
| 1967 | 283 | 35 |
| 1971 | 352 | 22 |
| 1977 | 154 | जनता पार्टी में समाहित |
| 1980 | 353 | भाजपा का गठन चुनाव के बाद |
| 1984–85 | 414 | 2 |
| 1989 | 197 | 85 |
| 1991–92 | 244 | 120 |
| 1996 | 140 | 161 |
| 1998 | 141 | 182 |
| 1999 | 114 | 182 |
| 2004 | 145 | 138 |
| 2009 | 206 | 116 |

## 13. मूल आधिकारिक स्रोत

इस अध्ययन के लिए निर्वाचन आयोग, लोकसभा सचिवालय और राष्ट्रपति सचिवालय के अभिलेख उपयोगी हैं।

- [भारत निर्वाचन आयोग — 2009 लोकसभा चुनाव की संपूर्ण सांख्यिकीय रिपोर्ट](https://www.eci.gov.in/statistical-reports)

- [भारत सरकार — Electoral Statistics: 2009 चुनाव के दलवार एवं राज्यवार आँकड़े](https://www.mea.gov.in/Uploads/PublicationDocs/23192_Election_2014.pdf)

- [लोकसभा सचिवालय — The Fifteenth Lok Sabha: Triumph of Democracy](https://eparlib.sansad.in/bitstream/123456789/764109/1/jpi_september_2009.pdf)

- [राष्ट्रपति सचिवालय — 20 मई 2009 को मनमोहन सिंह की नियुक्ति और सरकार गठन](https://presidentofindia.nic.in/smt-pratibha-devisingh-patil/press_releases/president-appoints-dr-manmohan-singh-prime-minister)

## 14. पंद्रहवें लोकसभा चुनाव का ऐतिहासिक महत्व

2009 का चुनाव भारतीय गठबंधन राजनीति के उस दौर का महत्वपूर्ण पड़ाव था जब कांग्रेस ने लगातार दूसरी बार केंद्र में सरकार बनाई, लेकिन अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल नहीं किया।

कांग्रेस की सीटें 145 से बढ़कर 206 हुईं। भाजपा की सीटें 138 से घटकर 116 रह गईं। वामपंथी दलों का प्रतिनिधित्व घटा, जबकि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और बिहार में जदयू ने अपनी संसदीय उपस्थिति बढ़ाई।

उत्तर प्रदेश में सपा, बसपा और कांग्रेस की सीटों का अंतर बहुत सीमित था। आंध्र प्रदेश में कांग्रेस की 33 सीटें और राजस्थान की 20 सीटें उसके राष्ट्रीय परिणाम के लिए महत्वपूर्ण थीं।

**इस चुनाव का केंद्रीय ऐतिहासिक तथ्य यह है कि कांग्रेस 206 सीटों पर पहुँचकर भी 272 के बहुमत से 66 सीटें दूर थी, लेकिन यूपीए और अन्य समर्थक दलों के सहयोग से मनमोहन सिंह ने दूसरी बार सरकार बनाई।**

इसके बाद 2014 का सोलहवाँ लोकसभा चुनाव हुआ। उस चुनाव में भाजपा ने 282 सीटें जीतकर 1984 के बाद पहली बार किसी एक राजनीतिक दल को अपने दम पर लोकसभा में पूर्ण बहुमत दिलाया और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने।

मूल वेबसाइट: https://omkarchaudhary.com/research/lok-sabha-elections-1951-2024/election-15